Tremor Meaning in Hindi [ हाथ-पांव की कंपन का मतलब और कारण! ]

ट्रेमर का हिंदी मतलब है कंपन. अगर आपका सवाल है के “Tremor Meaning in Hindi” क्या है, तो जवाब है “कंपन”. काफी लोग हाथ-पांव की कंपन से त्रस्त होते है.

इस दर को कम करने का सबसे अच्छा तरीका है कंपन के बारे में जानकारी को समझना.

कंपन दो मुख्य कारण है पार्किंसंस और “एसेंशियल ट्रेमर”. लेकिन कंपन के बाकी कारण भी हो सकते है, जैसे के दवाई के दुष्परिणाम.

हलाकि हर तरह की कंपन का इलाज है, सबसे प्रथम कंपन के कारणों को जानना जरूरी है.

आइये, कंपन का मतलब और कंपन के कारण के बारे में बात करे. इस जानकारी के बाद, कंपन के इलाज के बारे में जानकारी पढ़ेंगे.

यह जानकारी अंग्रेजी में कई जगह उपलब्ध है, जैसे इसी साइट पर, और यहाँ।

कंपन का मतलब (Tremor Meaning in Hindi)

आम तोर पे आपके सारे अंग नियंत्रित तरीके से हिलते है.

जब आप हाथ हिलना चाहते तो, तब आपका दिमाग हाथ को हिलना का संकेत देता है. वहां की मासपेशियां जोड़ो को खींचती है, और आपका हाथ हिलता है!

ये नियंत्रित हिलना हर चीज़ के लिए जरूरी है – पानी पीना, खाना खाना, चबाना, बात करना – सब इस नियंत्रित हिलने पर निर्भर होता है.

कंपन या ट्रेमर का हिंदी में अर्थ है – हाथ-पांव का घडी के लंगर की तरह आगे-पीछे, अनियंत्रित हिलना

पर कभी-कभी, थोड़े लोगों का हाथ या पांव अनियंत्रित हिलने लगता है.

  • थोड़े लोगो का हाथ या पांव बैठे-बैठे घडी के लंगर (पेंडुलम) की तरह आगे-पीछे हिलने लगता है.
  • थोड़े और लोगों का हाथ कुछ करते हुए ऐसे हिलता है. जैसे, अगर वह पानी पिने के लिए एक गिलास उठाते है, और उसको आपने मुँह की तरफ लाने का प्रयास करते है…. मुसीबत! उनका हाथ ऐसा हिलने लगता है, के गिलास से पानी निचे गिर जाता है. इन लोगों का अक्षर भी ख़राब हो जाता है, क्योंकि लिखते समय भी इनका हाथ या उँगलियाँ घडी के लंगर की तरह अनियंत्रित हिलती है.

इन दोनों प्रकार के हाथ-पांव के अनियत्रित, घडी केलंगर-जैसे हिलने को कंपन कहते है. इसी हिलने को अंग्रेजी में ट्रेमर (Tremor) कहते है.

थोड़े लोग अंग्रेजी के बड़े शब्द सुनके डर जाते है. पर ऐसे व्याकुल मत हो जाइये! “Tremor meaning in Hindi” मुश्किल नहीं है! हिंदी में ट्रेमर का अर्थ है कंपन .

बस! उससे ज़्यादा डरावना कुछ नहीं!

कंपन (ट्रेमर) क्यों होती है? आइये, कंपन के करने को जाने.

Tremor meaning in Hindi जाने के बाद जाने, उसका एक बहुत की खास कारण

क्या आप जानते है, के थोड़ी दवाइयों से कंपन हो सकती है?

पर दवाइयों से होने वाली कंपन अक्सर ज़्यादा तीव्र नहीं होती. अक्सर ये दवाइयां कोई बहोत जरूरी कारण के लिए दी जाती है – जैसे के सास की नाली खुली रखना.

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इसलिए, इन दवाइयों को डॉक्टर की सलाह बिना बिलकुल बंद न करे! डॉक्टर की सलाह बिना कोई भी दवाई का सेवन बदलना जान-लेवा हो सकता है!

Tremor meaning in hindi जानते जानते, खूद से डॉक्टर का कार्य करने की बड़ी गलती ना करे!

थोड़ी दवाइयों से कम्पन हो सकती है. आम तोर पर, दवाई से होने वाली कम्पन बहोत तीव्र नहीं होती।

 

दवाई का नाम आम तोर पे, उसका कार्य
1. वेलप्रोएट खेच आने से रोकता है
2. अलबूटेरोल, सालबुटेमॉल इत्यादि सांस की नाली को खुला रखती है
3. अमिओडेरोन ह्रदय की धड़कन को बरकार रखती है
4. लिथियम मन को शांत रखती है
इत्यादि…..

ज़्यादा तर मरीज़ो में, डॉक्टर कोई वैकल्पिक (alternative, दूसरी) दवाई देकर तकलीफ देने वाली दवाइयां को बंद करने का प्रयास करते है. थोड़े मरीज़ो में, इन तकलीफ देने वाली दवाइयों की मात्रा कम करने का प्रयास डोक्टर करते है.

पर कभी-कभी ऐसा भी होता है, के ये दवाइयां जीवन के लिए इतनी जरूरी होती है के इनसे होने वाली कंपन थोड़े हद तक सेहेन करनी पड़ती है.

ट्रेमर या कंपन देने वाली थोड़ी दवाइयों की सूचि यहाँ निचे दी गयी है.

याद रखे – डॉक्टर की अनुमति के बिना इनमे से कोई भी गोली बंद ना करे! ऐसा करने से आपके जीवन को धोखा हो सकता है!

कंपन के दो मुख्य कारण

ट्रेमर की दो सबसे महत्वपूर्ण बीमारियाँ या टाइप हैं पार्किंसंस रोग और एसेंशियल ट्रेमर.

एसेंशियल ट्रेमर का मतलब हिंदी में (Essential Tremor meaning in Hindi):

एसेंशियल ट्रेमर बहुत आम है. यह माता पिता से बच्चों में अनुवांशिक रूप से आता है. पार्किंसंस रोग से उल्टे, इसमें शरीर के दोनों कोने हिलते हैं, आमतौर पर दोनों हाथ और कभी-कभी आवाज में भी कंपकंपी होती है.

अगर लिखते समय आपके हाथ कांपते हैं, तो आपको एसेंशियल ट्रेमर हो सकता है.

जब आप कुछ करने की कोशिश करते हैं तो यह बढ़ता है, ख़ास कर कुछ ऐसा काम करते समय जिसमें टाइपिंग, लिखने या बुनाई जैसे काम की जरुरत होती है जहाँ आपको हाथों का अच्छी तरह से इस्तेमाल करना होता है.

जब आप किसी टेंशन में होते हैं या अगर आप बहुत अधिक चाय, कॉफी या कैफीन वाली ड्रिंक लेते हैं, तो एसेंशियल ट्रेमर के कारण आपकी कपकपी बढ़ सकती है. एसेंशियल ट्रेमर से जुड़ी हुई एक अजीब बात है – यह थोड़ी सी एल्कोहल लेने के बाद एक दम से घट जाता है.

थोड़ी सी एल्कोहल लेने से एसेंशियल ट्रेमर की वजह से हाथों का कांपना कम हो सकता है.

इसलिए, आपको लम्बे समय से दोनों हाथों में कपकपी की परेशानी है . यह परेशानी लेक्चर या प्रेजेंटेशन देते समय बढ़ जाती है, लेकिन व्हिस्की का एक छोटा सा घूँट पीने से ये लगभग पूरी तरह से गायब हो जाती है – तो शायद आपको एसेंशियल ट्रेमर है.

पार्किंसंस ट्रेमर का मतलब हिंदी में (Parkinson’s Tremor meaning in Hindi):

यह एक जटिल बीमारी है जिसमें कई ख़ास चीजें देखी जाती हैं.

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पार्किंसंस रोग में ट्रेमर आराम करते समय अधिक होता है – और इसलिए इसे आराम करने वाला ट्रेमर कहा जाता है. लेकिन यह ट्रेमर तब भी दिखाई देता है जब आप रोज मर्रा के काम करते हैं – उदा. अपने मुँह तक एक गिलास पानी लाते समय.

पार्किंसंस रोग की एक खास बात यह है कि हाथ आराम करते समय भी कांपते हैं, जब आप बस बैठे हों और कुछ भी करने की कोशिश नहीं कर रहे हों तब भी इसका असर होता है.

पार्किंसंस रोग में ट्रेमर शुरू में शरीर के एक तरफ से शुरू होता है उदा. एक हाथ में. लेकिन कुछ समय बाद, दूसरी ओर भी कपकपी हो सकती है, लेकिन तब भी कपकपी एक जैसी नहीं होती – एक तरफ दूसरे से ज्यादा होती है.

एक ऐसा लक्षण है जो पार्किंसंस रोग को पहचानने में मदद कर सकता है. पार्किंसंस रोग के रोगियों में चलने-फिरने या काम करने में सुस्ती हो सकती है.

जैसे धीरे-धीरे चलना, धीरे-धीरे बात करना, अंगों में कठोरता आना, जैसे हाथ को सिर तक उठाने में परेशानी और अन्य ध्यान देने वाली चीजें – जैसे चलते समय हाथ बराबर न हिलना, असंतुलन आदि. इनके बारे में यहाँ पढ़े.

संक्षेप में:

  • अगर आपके हाथ-पांव की कंपन बैठे बहते भी होती है, तो आपको पार्किंसंस की बीमारी हो सकती है.
  • अगर ये कंपन सिर्फ और सिर्फ कुछ कार्य के समय (जैसे पानी पीना या लिखते समय) होती है, तो आपको एसेंशियल ट्रेमर की बीमारी होने की समहावना ज़्यादा है.

इन दो करने के बारे में वीडियो देखने के लिए यहाँ दबाए: [youtube – कम्पन और पार्किंसंस के लक्षण]

कंपन के असामान्य कारण

मेरे अनुभव में, लग-भाग ८०-९०% लोगो को ऊपर दिए गए ३ कारणों में से किसी एक कारण से हाथ-पांव की कंपन होती है.

थोड़े लोगो में, असामान्य कारणों से कंपन हो सकती है. यहाँ में थोड़े ऐसे करने की सूचि दे रहा हूँ. असल में इन नामों की सूचि बहोत लम्बी है, पर ये सभी कारण थोड़े असामान्य है.

कंपन पैदा करने वाली बीमारी का नाम मतलब
1. डिस्टॉनिक कंपन हाथ-पांव जब जकड के सख्त हो जाते है, तब वह अनियंत्रित हिलने लग सकते है.

थोड़े वाद्य-कलाकारों को, और थोड़े लेखकों को यह तकलीफ सिर्फ पंजे में होती है. इसे “वरिटेरस क्रैम्प” या “मुसिशन्स क्रैम्प” कहते है.

2. सेरिबेल्लार कंपन सेरिबैलम दिमाग का एक हिस्सा है.

इसे तकलफी जैसे मार, खून की नाली बंद हो जाना, इत्यादि तकलीफ होने से हाथों की कंपन हो सकती है.

4. सायकोजेनिक कंपन अति-व्याकुलता से भी कंपन हो सकती है.
होल्म्स ट्रेमर, नसों से होने वाली कंपन , इत्यादि…..

कंपन की जांच

अब आप जान गए होंगे के, Tremor Meaning in Hindi कंपन है, ये जानने के आलावा उसका कारण ढूंढ के निकलना बहोत जरूरी है!

कंपन का कारण जानने के लिए विविध तरह के टेस्ट (जांच-पड़ताल) कि जा सकती है.

थोड़े मरीज़ों को कंपन का कारण ढूंढ़ने के लिए काफी जांच-पड़ताल करनी पड़ती है.

ये हर पेशेंट में अलग होते है. एक छोटी सूचि निचे दी गयी है.

थोड़े लोगों में कोई भी जांच-पड़ताल की जरूरत नहीं पड़ती, और थोड़े मरीज़ो में इन जांचो के आलावा और भी जाँच-पड़ताल करनी पड़ती है.

इनमे से कोनसी जाँच-पड़ताल करनी है, ये आपको आपके डॉक्टर आपको बताएँगे.

कंपन की जांच-पड़ताल
1. दिमाग का MRI

2. खून की जांच:

    1. Complete blood count (ब्लड काउंट)
    2. Liver function tests (लिवर टेस्ट्स)
    3. Renal function tests (किडनी टेस्ट्स)
    4. Thyroid hormone levels (थाइरोइड टेस्ट्स)
    5. Parathyroid hormone level (पैराथाइरॉइड टेस्ट्स)
    6. Ceruloplasmin level (ताम्बे के मात्रा)
    7. Eye examination (ताम्बे के लिए आँखों की जाँच)
    8. Ferritin level (लोहे की मात्रा)
    9. HIV (एच-आय-वि)
    10. VDRL (सिफिलिस की टेस्ट)

 

संक्षेप में

यह चीज़े याद रखे:

१. ट्रेमर का मतलब है कंपन.  अगर आपका हेतु “Tremor meaning in Hindi” जानना था, तो उसका एक-शब्दि जवाब है कंपन.

२. थोड़ी दवाइयों से कंपन हो सकती हैं. इनके बारे में आपके डॉक्टर से बात करे.

३ . दवाइयां को छोड़ के, हाथ-पांव की कंपन के दो मुख्य कारण है पार्किंसंस और “एसेंशियल ट्रेमर”.

४. इन तीन करने के आलावा, बाकी कारण असामान्य है.

५. कम्पन के लिए काफी जांच-पड़ताल उपलब्ध है.

६. कम्पन के इलाज की जानकारी के लिए, यहाँ दबाये.


पार्किंसंस की पूरी जानकारी: एक-एक कर के पढ़े

१. Tremors Meaning in Hindi [ हाथ-पांव की कंपन का मतलब और कारण! ]
२. Parkinson's Meaning in Hindi [ पार्किंसंस रोग के लक्षण और अर्थ ]
३. Parkinson’s treatment in Hindi [पार्किंसंस इलाज – लेवोडोपा और अन्य दवाइया]
४. डीप ब्रेन स्टिमुलेशन हिंदी – पार्किंसंस का अनोखा उपचार (DBS)
५. इन दवाइयों से दूर रहे !!!

चेतावनी:
यह जानकारी केवल शिक्षण के लिए है. निदान और दवाई देना दोनों के लिए उचित डॉक्टर से स्वयं मिले। उचित डॉक्टर से बात किये बिना आपकी दवाइयां ना ही बढ़ाये ना ही बंद करे!!


डॉ सिद्धार्थ खारकर

डॉ  सिद्धार्थ खारकर न्यूरोलॉजिस्ट, मिर्गी  (एपिलेप्सी) विशेषज्ञ और पार्किंसंस विशेषज्ञ है।

उन्होंने भारत, अमेरिका और इंग्लॅण्ड के सर्वोत्तम अस्पतालों में शिक्षण प्राप्त किया है।  विदेश में  कई साल काम करने के बाद, वह भारत लौटे ,औरअभी मुंबई महरारष्ट्र में बसे है।

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